तनिष्क ज्वेलरी का विज्ञापन


तनिष्क ज्वेलरी के विज्ञापन द्वारा लव जिहाद को बढ़ावा देना

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क्या तनिष्क की ज्वेलरी आपको खरीदनी चाहिए.?
 
उपरोक्त सवाल का सबसे पहला कारण तो वही है जिसकी चर्चा से पूरा सोशल मीडिया कल से अटा पड़ा है. लेकिन उसकी चर्चा मैं इस पोस्ट में सबसे अन्त में करूंगा. उससे पहले कुछ तथ्य आपके सामने रख रहा हूं कृपया ध्यान से पूरा पढ़ें.
 
सर्राफा बाजार में जो ज्वेलर होता है उसमें से 90% की दुकान अपनी होती है. वो उसका किराया नहीं दे रहा होता है. जबकि तनिष्क के 90% शोरूम पूरे देश में किराये के स्थान पर ही चल रहे हैं. ये शो रूम ऐसे स्थानों पर हैं जहां किराया 20 लाख रुपये महीना तक देना पड़ रहा है. यानि साल के 2.4 करोड़ रुपये. ये स्थिति लखनऊ कानपुर की बता रहा हूं.
 
दिल्ली मुम्बई कलकत्ता चेन्नई में तो ये किराया इससे भी बहुत ज्यादा होगा. यानि दुकान के किराये के लिए ही हर साल तनिष्क जो सैकड़ों करोड़ रुपये फूंक देता है. वो रुपये उसे शाहीनबाग वाली बिरियानी की तरह ऊपर वाला देकर नहीं जाता है. वो रकम तनिष्क हमसे आपसे ही वसूलता है.
 
इसके अलावा सर्राफा बाज़ार में जो ज्वेलर बैठा है वो प्रचार के नाम पर नए वर्ष के कैलेंडर छ्पवाने के अलावा कोई खर्च नहीं करता ज्यादा से ज्यादा शहर में कुछ होर्डिंग या कुछ बड़े त्योहारों पर अखबारों में विज्ञापन. वो भी कुछ गिने चुने 10-5 बड़े ज्वेलर ही करते हैं. शेष का काम नए वर्ष के कैलेंडर से ही चल जाता है. जबकि इसके ठीक विपरीत तनिष्क का विज्ञापन उस टीवी के पर्दे पर छाया रहता है जहां विज्ञापन दिखाने की क़ीमत 80 हजार से डेढ़ लाख रुपये प्रति दस सेकेंड है.
 
न्यूज और मनोरंजन, फिल्म और डिस्कवरी सरीखे इंफोटेनमेंट के लगभग 50 प्रमुख चैनलों पर अपको तनिष्क का विज्ञापन दिन में कई बार दिख जाएगा. एक दिन में यह खर्च कितना हुआ खुद जोड़ लीजिए. पूरे साल के बजाय केवल 6 महीने में यह कितना हुआ. यह भी जोड़ लीजिए. तो यह रकम सैकड़ों करोड़ में निकलेगी.
 
इसके बाद ध्यान यह भी रखिए कि ये रकम केवल हिंदी भाषा के चैनलों पर विज्ञापन की है. देश की अन्य भाषाओं में चलने वाले चैनलों पर विज्ञापन का खर्च, तथा इनके ब्रांड एंबेसडर बनने वाले तरह तरह के सेलिब्रिटी द्वारा ली जाने वाली करोड़ों की रकम तथा पूरे देश में लगे हुए कई लाख रुपये महीने के किराये वाले तनिष्क के हज़ारों आलीशान होर्डिंग का खर्च भी जोड़ लीजिए तो इस पूरे तामझाम का खर्च हजारों करोड़ रुपये निकलेगा.
 
तनिष्क को ये रकम शाहीनबाग वाली बिरियानी की तरह ऊपर वाला देकर नहीं जाता है. ये रकम तनिष्क हमसे आपसे ही वसूलता है.
 
तीसरा कारण है मेकिंग चार्जेज के नाम पर जो रकम ये हमसे आपसे वसूलते हैं उससे कम रकम सर्राफा बाजार का आम सर्राफ वसूलता है.
 
यही कुछ कारण हैं कि तनिष्क की तुलना में वो सर्राफ आपको काफी कम दाम पर जेवर बेचता है.
तनिष्क सरीखे ब्रांडों द्वारा इस पर तर्क सोने की शुद्धता का दिया जाता है.
 
तो यह भी जान लीजिए कि आज लगभग हर सर्राफ की दुकान पर आपको कैरेटोमीटर लगा मिलेगा. यदि उस पर विश्वास नहीं है तो किसी अन्य स्थान से आप सौ पचास रुपये देकर सोने की जांच करा सकते हैं. इसलिए सोने की शुद्धता का तर्क वर्तमान समय में अर्थहीन हो चुका है.
 
हां इन ब्रांडों की शुद्धता को एक बहुत चर्चित घटनाक्रम ने जरूर कटघरे में खड़ा कर दिया है.
कुछ साल पहले तक हीरे की ज्वेलरी के सबसे बड़े और मशहूर ब्रांड के नाम पर भारत में जो ज्वेलरी बिकती थी उनमें सबसे महंगे और मशहूर नाम के ब्रांड ये थे.
 
D bears, Nakshatra, D'damas, Gili, Asmi, Sangini, Maya, Giantti, World of Solitaire and Shuddhi.
इन सभी ब्रांड्स के आगे तनिष्क कहीं ठहरता नहीं था. इन ब्रांड्स का भारत में डायमंड ज्वेलरी के 70% बाजार पर क़ब्ज़ा था. इनकी खरीदारी के लिए बॉलिवुड के भांड़ों तक में होड़ लगी रहती थी.
 
लेकिन आज इनमें से कोई भी ब्रांड नजर नहीं आता है. आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों हुआ.?
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इन सभी ब्रांड्स की मालिक वो जालसाज ठग लुटेरे भगोड़े अपराधी मामा-भांजा की जोड़ी थी जिसे हम मेहुल चौकसी और नीरव मोदी के नाम से जानते हैं.
 
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती है. इस जोड़ी के फ़रार हो जाने के बाद, पैसों की वसूली के लिए एजेंसियों ने पूरे देश में फैले इनके शोरूम से जो डायमंड ज्वेलरी बरामद की थी उनमें 70 से 80 प्रतिशत मिलावट मिली थी. मतलब मामा भांजे की जोड़ी के बहीखाते में जिस ज्वेलरी की क़ीमत 1000 करोड़ रुपये दर्ज थी. उसकी जांच जब एजेंसियों ने की तो उसकी वास्तविक क़ीमत 200 से 300 करोड़ रुपये निकली थी. पूरे देश में फैले मामा भांजे के शोरूम से बरामद की गयी सभी ज्वेलरी की यही स्थिति थी.
 
अब आप स्वयं तय करिए कि क्या तनिष्क की ज्वेलरी आपको खरीदनी चाहिए वो भी तब जबकि वो बाकायदा करोड़ों के विज्ञापन देकर हमे प्रेरित कर रहा है, ये सन्देश भी दे रहा है कि हम हिन्दू अपनी बहन बेटियों की शादियां मुसलमानों से करें.
 
फैसला आप करिए और यदि मेरी बात से सहमत हों तो यह सन्देश अपने हर हित मित्र परिचित तक पहुंचाइये.
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Comments


sonu tiwari 3 days ago

Oooo

     
sonu tiwari 9 days ago

Nhi Boy Cotty