दिल्ली का ठग


काम केंद्र सरकार का विज्ञापन में सरजी छाये है

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केजरीवाल वाले पोस्ट पर एक ने कमेंट किया है कि यदि केजरीवाल कुछ काम कर रहा है तो उसे उसका प्रचार करना चाहिए जैसे मोदी जी और योगी जी करते हैं

सच है अगर केजरीवाल कुछ काम करें तो उसे उसका प्रचार जरूर करना चाहिए

लेकिन आप टीवी चैनलों पर देखिए और सोचिए कि इसमें से कौन सा काम केजरीवाल सरकार ने किया है??

पहला ऐड केजरीवाल का बार-बार आता है पराली प्रबंधन को लेकर ....पराली को नष्ट करने वाली दवा एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने बनाया है जो भारत सरकार के अंतर्गत आता है इस दवा के बनाने में जो फंडिंग हुई है वह फंडिंग भारत सरकार और अमेरिका दोनों ने किया है इसमें दिल्ली सरकार ने एक रुपए भी फंडिंग नही दिया है

यह संस्था दिल्ली सरकार के अंतर्गत नही आती हैं अब इस दवा का प्रचार अपना चेहरा दिखा कर केजरीवाल कर रहा है तो क्या यह उचित है??

दूसरा प्रचार केजरीवाल बार-बार करता है कि रेड लाइट पर गाड़ी का स्विच ऑफ कर दें

तो मित्रों पीसीआरए नामक संस्था जिसका नाम है पैट्रोलियम कंजर्वेशन ऑफ इंडिया उसी संस्था का प्रचार केजरीवाल अपने नाम पर कर रहा है कि लालबत्ती पर ऑफ कर दें

तीसरा प्रचार केजरीवाल कोविड मैनेजमेंट को लेकर करता है जबकि दिल्ली सरकार के सिर्फ दो अस्पताल है बाकी दिल्ली के सभी अस्पताल केंद्र सरकार के हैं और दिल्ली में जब स्थिति भयानक हुई तब अमित शाह ने राधा स्वामी सत्संग व्यास नामक संस्था से मिलकर दिल्ली में उनके विशाल सत्संग भवन को कोबिड सेंटर में बदला और 10,000 बेड का अस्पताल रातों-रात बनाया

अस्पताल का पूरा मैनेजमेंट आईटीबीपी कर रही है जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है अब इसका प्रचार केजरीवाल अपना चेहरा और दिल्ली सरकार बताकर कर रहा है तो क्या यह उचित है ??

उसके बाद उसने अक्षरधाम मंदिर में लक्ष्मी पूजा का लेकर जमकर प्रचार किया और बाद में इंपैक्ट फीचर बताकर सारे चैनलों पर लाइव टेलीकास्ट करवाया गया यानी पैसे देकर करवाया गया टेलीकास्ट

केजरीवाल दीपावली की पूजा अपनी पत्नी के साथ कर रहा है उसे भारत के सारे हिंदी और रीजनल चैनलों पर प्रसारण करने के लिए मीडिया को 400 करोड़ रुपये दिए गए ...दिल्ली जहां कोविड ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को सैलरी नहीं मिल रही जहां टीचरों को सैलरी नहीं मिल रही हर रोज टीचर और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ऐसे में अगर केजरीवाल अपनी लक्ष्मी पूजा का लाइव प्रसारण करने के लिए ₹400 करोड़ रुपये खर्च करता है तो क्या यह उचित है??

मित्रों केजरीवाल की स्थिति भारत के एक मेयर से भी ज्यादा नहीं है संविधान में दिल्ली एक अर्ध राज्य है केजरीवाल के पास सिर्फ दो विभाग हैं पहला ट्रांसपोर्ट दूसरा शिक्षा ट्रांसपोर्ट का हालत यह है कि डीटीसी के कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल रही शिक्षा का हालत यह है कि एक स्कूल को बार-बार दिखा कर मनीष सिसोदिया बड़ी-बड़ी फेकता है

और प्राइवेट प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ बड़ी-बड़ी बात करने वाला केजरीवाल दिल्ली जल बोर्ड को एक निजी कंपनी को दे दिया है

दरअसल भारतीय राजनीति को धूर्तता के उच्चतम स्तर तक ले जाने का काम अगर किसी ने किया है तो वह केजरीवाल है।

Jitendra Pratap Singhji द्वारा

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